भगवान रामलीला में राम बनगमन से दशरथ मरण तक का मंचन
भगवान राम को बन जाता देख नम हुई दर्शकों की आखें
-ग्राम प्रधान भरकवाह बिकास सिंह नें उतारी भगवान राम की आरती
करमा/सोनभद्र
अयोध्या नरेश गुरु की आज्ञा आशिर्वाद व प्रजा,मंत्री जन का बिचार जान भगवान श्री राम को युवराज पद घोषित करते हैं। यह देख इन्द्र घबरा जाते हैं। वे मां सरस्वती से बिनती करते हैं कि अगर राम राजा बन जायेगें तो राक्षसों का बिनास कैसे होगा, इस पर माता सरस्वती कैकेयी दासी मंथरा की मति फेर देती हैं। मंथरा कैकेयी की मती बदल देती है। महारानी कैकेयी राजा से हठ कर अपने पिछले बरदान मागती है। पहले से भरत को राज् गद्दी दुसरे राम को चौदह वर्ष का बनबास, दशरथ बरदान तो दे देते हैं परन्तु पूत्र के बियोग में प्राण त्याग देते हैं। रामलीला में पधारे मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान बिकास सिंह द्वारा प्रभु भगवान श्री राम की आरती उतारी गई। उक्त अवसर पर समिति के सभी पदाधिकारी व भारी संख्या में मानस प्रेमी भक्त उपस्थित रहें!
Up18 news report by Chandra Mohan Shukla ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️