Friday, August 29, 2025

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा कोविड काल में लघु एवं सीमांत किसानों के प्रक्षेत्र पर सब्जी तकनीकों का प्रदर्शन

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा कोविड काल में लघु एवं सीमांत किसानों के प्रक्षेत्र पर सब्जी तकनीकों का प्रदर्शन

रोहनिया-शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान द्वारा विगत चार वर्षों से फार्मर फर्स्ट परियोजना के तहत जनपद के चयनित गांवो धानापुर, पनियरा, बाबूराम का पूरा, लश्करियां, राजापुर तथा उपाध्यायपुर में किसानों को विभिन्न प्रशिक्षण तथा प्रक्षेत्र प्रदर्शन से उनके फसल उत्पादकता एवं आय में सकरात्मक वृद्धि हुई है। इसी क्रम में पिछले वर्ष स्थानीय किस्मों की तुलना में संस्थान द्वारा उन्नतशील सब्जी किस्मों के प्रदर्शन से औसतन उत्पादन तथा आय में क्रमशः 27.5 % तथा 18.2 % अधिक वृद्धि दर्ज किया गया। पिछले एक वर्ष से कोविड महामारी के दौरान जहां अधिकतर कृषि विपणन प्रक्रिया बाधित हो रही है वहीं सब्जी उत्पादक को सीधी विपणन प्रक्रिया से उचित लाभ प्राप्त हो रहा है। इसी प्रक्रिया में मंगलवार को संस्थान के निदेशक डॉ. तुषार कान्ति बेहेरा के नेतृत्व में चयनित गांव के 100 से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों को 41.25 एकड़ क्षेत्रफल में सब्जी प्रक्षेत्र प्रदर्शन हेतु लोबिया (काशी निधि), नेनुआ (काशी रक्षिता), बैंगन (काशी सन्देश) तथा टमाटर (काशी अमन) के उन्नतशील बीज खरीफ मौसम में लगाने के लिए दिया गया है।इस अवसर पर निदेशक महोदय ने किसानों की खेती सम्बन्धित समस्याओं को गम्भीरता से सुना और इसके निवारण के लिए कई उपाय भी बताये। निदेशक महोदय द्वारा निकट भविष्य में किसानों की खेती सम्बन्धित समस्याएं जैसे- उन्नतशील बीज, कीट एवं रोग प्रबंधन की तकनीकि जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए भी आश्वस्त किया गया।
इस कार्यक्रम में संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, वैज्ञानिक डॉ. शुभदीप रॉय तथा परियोजना सहायक श्रीप्रकाश सिंह भी उपस्थित थे।

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