जन सहभागिता में नये आयाम स्थापित करता दिशा सोसाइटी- अजीत पाण्डेय ‘बाबुल’
हम जिस समाज में रहते हैं, ये हमारा दायित्व होता है कि हम उस समाज के लिए कुछ निस्वार्थ सेवा का भाव रखें तथा अपने आसपास जो भी जरूरतमंद दिखे उसकी जरूरत को पूरा करने का हर संभव प्रयास करें , लोगो की मदद करने के लिए हमेशा पैसा की जरूरत नही होती है बस एक निःस्वार्थ मन की आवश्यकता होती है । जिसमें लोगो की सेवा का भाव हो वो बड़ा हो या छोटा वही एक समाज सेवक। आज बात कर रहे हैं वाराणसी में वंचित, शोषित व संसाधन की कमी से जूझ रहे जरूरतमंदों की सेवा में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाली तथा किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय जात पात से ऊपर उठकर समाजसेवा करने वाली वाराणसी की सामाजिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संस्था *”दिशा सोसाइटी”* जो पिछले एक दशक से समाजसेवी अजीत पाण्डेय बाबुल के नेतृत्व में लगातार समाज सेवा के क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, कोरोना काल के समय लगभग सैकडों मरीजों को भोजन की व्यवस्था साथ ही हजारों ग़रीब परिवार के लिए राशन की व्यवस्था की। भीषण ठंड में जरूरतमंदों के बीच गांव-गांव घूमकर गर्म कपड़े , कंबल बांटना हो या चिल्लाती धूप में लोगों के लिए गमछा बाटना हो या पानी पीने की प्याऊ व्यवस्था , दिशा सोसाइटी के सदस्य दिन-रात की परवाह किए बगैर तुरंत समाज सेवा के कार्यों में जुट जाते हैं ।वृद्ध आश्रम में जाकर समय समय पर जा जाकर उन लोगे आशीर्वाद माँगते है , अनाथालय में तथा गरीब व मलिन बस्तियों में जरूरतमंदों को खाना-पीना ,कपड़े , दवाइयां से लेकर बच्चों के लिए कॉपी किताब खिलौने इत्यादि उपलब्ध कराते हैं , उसके साथ बाल श्रम के लिए आवाज़ उठाते है । संस्था की तरफ से आर्थिक रूप से बहुत कमजोर छात्र की शिक्षा का पूरा खर्च उठाया जाता है , वर्तमान में लगभग 15 विद्यार्थी इस श्रेणी में है जिनकी पढ़ाई लिखाई का खर्च दिशा सोसाइटी के प्रमुख अजीत पाण्डेय बाबुल के नेतृत्व में उठाया जा रहा है
दिशा सोसाइटी द्वारा भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने की लिए भव्य सांस्कृतिक समारोह तथा लोगो को अध्यात्म से जोड़ने के लिए भागवत कथा, शिव पुराण तथा कृष्ण लीलाओं का आयोजन किया जाता है , जिससे कि समाज के लोग मानसिक रूप से स्वस्थ हो कर उत्तम सोच के साथ जनमानस के सुख दुःख में भागीदारी कर सके
दिशा सोसाइटी के प्रमुख अजीत पांडे “बाबुल ” को लगभग समाज सेवा के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं जिनमें काशी विभूषण रत्न, उत्तर प्रदेश रत्न अलंकार, यूपी गौरव अलंकरण, पूर्वांचल शिरोमणि सम्मान इत्यादि प्रमुख हैं ,
उनका मानना है अगर आपस में सामंजस्य बना कर सेवा की जाये तो बहुत से दिक्कत परेशानी का हल लोग खुद कर लेंगे।
बहुत से लोग ऐसे है जो नेक बनना तो नही चाहते हैं पर दिखना जरुर चाहते हैं ।
अजित पाण्डेय बाबुल दिशा सोसाइटी सचिव।




