Friday, August 29, 2025

नहीं हो सका ग्रामीण पुस्तकालयों का सत्यापन कार्य समय सीमा समाप्त

चिरईगांव/वाराणसी । स्थानीय विकास खण्ड में ग्राम सचिवालयों में स्थापित ग्रामीण पुस्तकालयों के सत्यापन में किस प्रकार लापरवाही बरती जा रही है। इसकी बानगी चिरईगांव ब्लाक में स्पष्ट देखने को मिल रही है। आलम यह है कि समय सीमा समाप्त होने के बावजूद अभी तक ग्रामीण पुस्तकालयों के सत्यापन का 25 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हो सका। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि ब्लाक के एडीओ पंचायत कमलेश कुमार सिंह स्वयं स्वीकार कर रहे हैं। बीते बृहस्पतिवार को एडीओ पंचायत ने क्षेत्र के बनकट, गऊडीह, शाहपुर, बरसाईं, तोफापुर ग्राम पंचायत में स्थापित ग्रामीण पुस्तकालयों का स्थलीय सत्यापन किया। सत्यापन के उपरांत उन्होंने बताया कि कुल 69 ग्रामीण पुस्तकालयों में से बृहस्पतिवार तक कुल 11 ग्रामीण पुस्तकालयों का सत्यापन हो सका है। अभी भी 58 ग्रामीण पुस्तकालयों का सत्यापन होना बाकी है।

 

जिला विकास अधिकारी के आदेश की अनदेखी- उल्लेखनीय है कि राजा राममोहन राय फाउंडेशन कोलकाता के माध्यम से जनपद की चयनित ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्रामीण पुस्तकालयों में आपूर्ति किये गये उपकरण, फर्नीचर, पुस्तकें एवं कराये गये सिविल कार्यों के स्थलीय सत्यापन हेतु जिला विकास अधिकारी ने बीते 22 अप्रैल को कार्यालय आदेश जारी किया था। उन्होंने समिति का गठन कर एक सप्ताह के अंदर ग्रामीण पुस्तकालयों के स्थलीय सत्यापन की आख्या प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन लगभग दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक सत्यापन का 25 फीसदी कार्य भी पूरा नहीं हो सका। जिला विकास अधिकारी अशोक कुमार द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार चिरईगांव विकास खण्ड में ग्रामीण पुस्तकालयों के सत्यापन के लिए सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी द्वितीय अध्यक्ष/सदस्य नामित करते हुए सम्बंधित विकास खण्ड के सहायक विकास अधिकारी आईएसबी, एडीओ पंचायत व सम्बंधित विकास खण्ड के लेखाकार नामित सदस्य बनाये गये थे। उपरोक्त टीम द्वारा ग्रामीण पुस्तकालयों में कम्प्यूटर, कम्प्यूटर टेबुल, यूपीएस, स्टडी टेबुल के साथ 11 कुर्सी व सिबिल वर्क का स्थलीय सत्यापन किया जाना था, जो समय सीमा बीत जाने के बाद भी अभी तक सत्यापन का कार्य पूरा नहीं हो सका। ऐसे में ग्रामीण पुस्तकालयों की देखभाल व संचालन के लिए सम्बंधित महकमा कितना गंभीर है इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। अधिकारी बोले : उक्त प्रकरण के सम्बंध में गठित टीम के नामित

सदस्य व एडीओ पंचायत कमलेश कुमार सिंह का कहना था कि कुल 69 ग्रामीण पुस्तकालयों का स्थलीय सत्यापन किया जाना था। जिसमें बृहस्पतिवार तक कुल 11 पुस्तकालयों का स्थलीय सत्यापन किया जा चुका है। स्थलीय सत्यापन का कार्य लगातार चल रहा है जिसे बहुत जल्द पूरा कर लिया जायेगा।

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