एक बार फिर से प्रशासन और राजस्व विभाग शक के घेरे में
मिर्जापुर : कछवा पुलिस

पर फिर उठा सवाल न्यायालय में विचाराधीन एवं न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों एवं कछवा पुलिस द्वारा दबंग को भूमि कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है. दिनांक 31 जुलाई को राजेंद्र किशोर शर्मा द्वारा जिलाधिकारी को पत्र देते हुए बताया कि उनके पाटीदार राजकुमार सिंह जो की काफी दबंग किस्म के व्यक्ति हैं एवं आबादी की जमीन जिस पर हम खुद प्रार्थी गण पत्थर लगाकर काबिज है जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है तथा स्थगन आदेश पारित है विपक्षी राजकुमार द्वारा उक्त भूमि को जबरन कब्जा करने की नीयत जबरन मेरा पत्थर हटवा कर थाने में रखवा दिया जबकि मामला न्यायालय में है. जो आज भी विचाराधीन है दिनांक 27 जुलाई 2024 को समय लगभग 3:00 बजे शाम को उप जिलाधिकारी सदर मिर्जापुर एवं पुलिस अधीक्षक सदर एवं थाना अध्यक्ष कछवा एवं थाना कछवा के अन्य पुलिसकर्मी यह जताते हुए की जमीन से पत्थर हटाने का आदेश है पत्थर हटवा दिया जबकि न्यायालय का कोई ऐसा आदेश नहीं था. मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन होने के बाद भी . उच्च अधिकारियों द्वारा की अवहेलना की है, उच्च अधिकारियों की मौजूदगी एवं सहमति से विवादित भूमि पर रखें पत्थर को उठाकर कछवा थाने परिसर में रख दिया गया है तथा प्रार्थी व उसके परिवार को भय के नीयत से प्रार्थी के घर पर पीएसी तैनात कर दिया गया है ऐसी स्थिति में उक्त प्रकरण की जांच स्वयं करके विपक्षी गण के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए विवादित भूमि पर पहले से रखे पत्थर को उसी स्थान पर रखवाया जाना आवश्यक व न्याय संगत है राजेंद्र किशोर शर्मा ने जिलाधिकारी को पत्रक लिख कर इस सूचना अवगत कराया.