सनातन केवल मानने का नही, जानने का विषय. कृष्णा नन्द पाण्डेय
“ धरोहर संरक्षण सेवा संगठन “ द्वारा सनातन विस्तार के उद्देश्य को लेकर अनवरत चल रहे “ संस्कृति संवाद यात्रा “ की बैठक का ( सत्रहवाँ पड़ाव ) श्री राम जानकी मन्दिर, धरहरा,चौबेपुर वाराणसी, मे आयोजित किया गया, कार्यक्रम
की अध्यक्षता श्री यदुनाथ सिंह ने किया,
मुख्य वक्ता संगठन के प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने कहा कि सनातन को जानने की ज़रूरत है, जानने की जिज्ञासा अपने भीतर पैदा करना होगा, हर सनातनी अपनी व्यक्तिगत भूख के लिए दौड़ लगा रहा है सभी समस्याओं का समाधान हमारे धर्मग्रंथों मे है, हमे पढ़ने की जरूरत है, जब तक हम धर्मग्रंथों का अध्ययन नहीं करेंगे,तब तक सनातन रक्षा का सूत्र प्राप्त नहीं हो सकता है।
हमारी संस्कृति, मानवीय मूल्यों पर आधारित
विचारधारा है, मानवाधिकार को
संरक्षित करने व मानवता के विकास का
सूत्र सनातन संस्कृति मे है , इसलिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं हैं कि सनातन ही मानवता का रक्षक है , सनातन के विस्तार से ही मानवता की रक्षा सम्भव है , वक्ताओं मे श्री विंध्यवासिनी पाण्डेय ने हर सनातनी को सैनिक व
सनातन विस्तार योद्धा बनना पड़ेगा, अब समय आ गया है हर सनातनी को साधक के साथ योद्धा बनना होगा । वक्ताओं मे श्री गौरव मिश्र ने कहा कि सनातन संस्कृति को जन जन तक
पहुँचाना होगा हमारी परम्पराएँ ही पूरी दुनिया को सुख की अनुभूति कराती है,
श्री सुधीर सिंह संगम ने कहाकि , सनातन संस्कृति विश्व का कल्याण हो
का उद्वघोष करती है , ऐसी परम्परा , संस्कृति की रक्षा के लिए हमे अपने
सर्वोच्च बलिदान के लिए तैयार रहना
होगा । दीनदयाल मिश्र ने विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि सनातन समाज को संगठित होकर अपनी संस्कृति का विस्तार करने का समय आ गया है , पूरे विश्व का कल्याण
सनातन संस्कृति ही कर सकती है
कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से सर्वश्री आदित्य सिंह,आशीष मोदनवाल,सोमदत्त मिश्र, मनोज़ सिंह,सुधांशु चौबे,प्रज्वल पाण्डेय , शिवम सिंह, अमित त्रिपाठी,अशेष पाण्डेय,ओम सिंह,लकी मोदनवाल,
सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का आयोजन श्री गौरव बरनवाल व नन्द किशोर गुप्ता ने किया, कुशल संचालन श्री शुभम् पाण्डेय ने किया , कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ से हुआ ।