Written by piyush mishraपटनाः बिहार में भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव की अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. इसी कड़ी में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने बिहार प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान कर दिया है. भाजपा नेता दिलीप जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. मोहन लाल खट्टर ने प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की. दिलीप जयसवाल को निर्विरोध रूप से प्रदेश अध्यक्ष चुना गया. सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, केदार गुप्ता, राम सूरत राम प्रस्तावक रहे. नाम का ऐलान होने के बाद दिलीप जयसवाल ने खड़े होकर आभार प्रकट किया. बता दें कि बिहार में 52 में 46 जिला अध्यक्ष का चुनाव हो चुका है.बता दें कि बीजेपी का ये फैसला बिहार में साल के आखिरी में होने वाले चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है. हाल ही में बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार भी हुआ था, जिसमें भाजपा के कोटे से कुल 7 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी. जिसमें भूमिहार, राजपूत, कुर्मी, तेली सहित कई जाति के विधायक शामिल थे. बिहार में पिछड़ा और अतिपिछड़ा को साधने के लिए बीजेपी अथक प्रयास कर रही है. माना जाता है कि बिहार में इन दो वर्गों का वोटबैंक ज्यादा है, जिसमें से अधिकांश राजद या जदयू के खाते में जाते रहे हैं. बीजेपी बिहार में अपना वोटबैंक बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले ले रही है.सम्राट चौधरी ने कहा, ‘दिलीप जयसवाल को प्रभारी बनने के लिए बहुत बधाई. अगले तीन सालों तक पार्टी को मजबूत बनाएंगे. बीजेपी के संदेश को एक-एक गांव तक पहुंचाएंगे. श्यामा प्रसाद ने जो सपना देखा था उसे पीएम मोदी ने पूरा किया. 2 हजार साल पहले चाणक्य ने भारत बनाने का काम शुरू किया. आज पीएम मोदी ने उसे पूरा किया है. पहले कहा जाता था भारत सोने की चिड़िया थी. आज भारत का शेर आया है जो दुनिया में दहाड़ रहा है. नीतीश जी कहते हैं मुझे अटल जी ने बनाया है. सभी कार्यकर्ता को एक-एक सीट को एनडीए की सीट समझकर जिताना है.’
इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘बीजेपी में ना कोई पिछड़ा है न शहंशाह. इस पार्टी में ना कोई पहला न ही आखिरी होता है. यहां जो काम करता है उसे ही आगे बढ़ाया जाता है. यहां पद नहीं जिम्मेदारी दी जाती है. अन्य दलों को परिवार चलाता है बीजेपी को संगठन चलाता है. बीजेपी के कार्यकर्ता तुलसी के पत्ते की तरह पवित्र है. कोई भी उम्मीद बीजेपी ही पूरा कर सकती है. बीजेपी सत्ता के लिए नहीं सुशासन के लिए समझौता करते हैं. अटल बिहारी ने नीतीश कुमार को एनडीए में लाया. एक दो बार नीतीश इधर उधर चले गए. पर अब खुद कहते हैं बिहार के लिए साथ रहेंगे. बीजेपी के हर कार्यकर्ता को तैयार रहना है. आरजेडी से बचाने के लिए सबको एकजुट रहना होगा.बिहार को आरजेडी कांग्रेस के कल्चर से मुक्त होना होगा.