वाराणसी, 27 मई: गौराकला लखरांव गांव में सोमवार रात करीब 9 बजे ग्रामीणों ने तेंदुआ देखने का दावा किया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के शोर मचाने और पत्थर फेंकने पर तेंदुआ मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रातभर ग्रामीणों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया।
मंगलवार को भी दिनभर सर्च ऑपरेशन जारी रहा। गंगा किनारे के 12 गांवों — गौराकला, चिरईगांव, शंकरपुर, बरियासनपुर, अंचा, छितौना, मोकलपुर, गोबरहां, रामचंदीपुर आदि — में तालाबों, नालों और खेतों में कांबिंग की गई, लेकिन तेंदुए के पदचिह्नों का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।
वन विभाग की टीम के साथ सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी और स्थानीय ग्रामीण भी तेंदुए की खोज में जुटे रहे। चौबेपुर थानाध्यक्ष ने विभिन्न गांवों में जाकर लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा।
डीएफओ स्वाति ने जानकारी दी कि अब तक किसी भी स्थान पर तेंदुए की मौजूदगी के प्रमाण नहीं मिले हैं। संभवतः तेंदुआ क्षेत्र छोड़कर अन्यत्र चला गया है। इसके बावजूद गौराकला में कांबिंग टीम तैनात है और लगातार निगरानी की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले कामाख्या नगर कॉलोनी में तेंदुआ देखा गया था और तेंदुए ने तीन लोगों को घायल भी कर दिया था। सोमवार को सांसद वीरेंद्र सिंह ने तेंदुए के हमले में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
वन विभाग द्वारा ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों को सतर्कता बरतने तथा बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की सलाह दी गई है।