वाराणसी मोकलपुर ढाब,
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मोकलपुर ढाब गाँव में सरकार द्वारा हर चौराहे पर कचरा डालने के लिए जालियाँ लगाई गई थीं, ताकि लोग खुले में कचरा न फेंके और गाँव साफ-सुथरा बना रहे। लेकिन यह अच्छी पहल अब लापरवाही और अनदेखी का शिकार होती दिख रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन कचरा जालियों में प्रतिदिन बहुत सारा कचरा जमा हो जाता है, लेकिन नगर पंचायत या जिम्मेदार विभाग द्वारा इसे रोज़ाना उठाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नतीजतन, कचरा एक ही दिन में जाली को भर देता है, और गंदगी व बदबू फैलने लगती है।
असहनीय स्थिति में कई बार ग्रामीण गुस्से या मजबूरी में खुद ही कचरे को आग के हवाले कर देते हैं। इससे न केवल जहरीला धुआं फैलता है, बल्कि आस-पास के लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
गाँव के निवासी छोटेलाल ने बताया, “कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। जब कचरा सड़ने लगता है, मच्छर-मक्खियाँ बढ़ जाती हैं, तो लोग आखिर क्या करें? मजबूरी में आग लगानी पड़ती है।”
पर्यावरणविदों का कहना है कि इस तरह से कचरा जलाने से हवा में खतरनाक रसायन फैलते हैं, जिससे साँस की बीमारी, एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
गाँववाले अब जिला प्रशासन से माँग कर रहे हैं कि:कचरा प्रतिदिन उठाया जाए,
सीसीटीवी या निगरानी की व्यवस्था हो,
जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोग आग न लगाएँ।
सरकार की एक अच्छी योजना को सही क्रियान्वयन के अभाव में ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण नहीं बनने देना चाहिए।