बाढ़ से पहले तैयारी में जुटा पशुपालन विभाग, टीकाकरण व जागरूकता अभियान तेज
चिरईगांव/वाराणसी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के निर्देश पर चिरईगांव विकास खण्ड में संभावित बाढ़ से पहले पशुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर निगरानी एवं टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को पशु चिकित्साधिकारी डा. राम आधार चौधरी की अध्यक्षता में क्षेत्र के सभी पैरावेट्स व पशु चिकित्सा कर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और टीकाकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के उपरांत गलाघोंटू रोधी टीकाकरण कार्यक्रम के तहत रामचंदीपुर, नखवां, मुस्तफाबाद व अंबा गांव में टीकाकरण अभियान चलाया गया। इस दौरान पशुपालकों को कृमिनाशक दवाओं का भी वितरण किया गया।
इसी क्रम में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जाल्हूपुर, चांदपुर, मिल्कोपुर और पचरांव गांवों के सूकर पालकों को जागरूक किया गया। इसके अलावा सूअरों का टीकाकरण भी किया गया तथा संक्रमण से बचाव के लिए एंटीबैक्टीरियल घोल का छिड़काव कराया गया।
पशुपालकों को संबोधित करते हुए डा. चौधरी ने कहा कि पुराने भूसे का प्रयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर भूसे में फफूंद लगी हो, तो ऐसे भूसे को मवेशियों को कतई न दें, क्योंकि इससे मवेशियों में गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।
अभियान में डा. सुधांशु सिंह, दुर्गेश सिंह, प्रताप नारायण, सतीश सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी ऊधम सिंह, रोहित व जंग बहादुर समेत अन्य पशु चिकित्सा कर्मी सक्रिय रूप से शामिल रहे।





