नशे के कारोबार पर करारी चोट
चंदौली पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में चकिया तिराहे से 61 किलो गांजे की बरामदगी न केवल जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार तेज़ है। ऑयल ड्रम में गांजा छिपाकर ओडिशा से वाराणसी व आसपास के जिलों में सप्लाई की जा रही थी। ऐसे शातिर तरीके से तस्करी होना इस बात का संकेत है कि नशे का जाल कितना गहरा और संगठित हो चुका है।
गांजे की बरामद खेप की कीमत बीस लाख रुपये आंकी गई है। यह आंकड़ा बताता है कि मादक पदार्थों का धंधा कितना लाभकारी और खतरनाक दोनों है। बिहार के रहने वाले दोनों तस्करों की गिरफ्तारी इस नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम है। पुलिस ने पिकअप वाहन समेत माल जब्त कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
आज जब युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, तब इस तरह की कामयाबी समाज के लिए उम्मीद की किरण है। जरूरत है कि पुलिस लगातार सतर्कता बनाए रखे और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल बड़े गिरोह तक पहुँचे। साथ ही समाज को भी यह समझना होगा कि नशे की मांग तभी खत्म होगी जब लोग इससे दूरी बनाएँ।
चंदौली पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित ही सराहनीय है, लेकिन इसे स्थायी सफलता बनाने के लिए निरंतर प्रयास ज़रूरी है। नशे की तस्करी पर लगाम लगाना केवल कानून का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी भी है।
चन्दौली से ~ तारकेश्वर पाण्डेय की रिपोर्ट




