Friday, August 29, 2025

यूपी: मुस्लिम सिपाही ने दाढ़ी रखने पर रोक के खिलाफ डाली थी अर्जी, कोर्ट ने की खारिज, कहा – सेक्युलर होनी चाहिए पुलिस की छवि

यूपी: मुस्लिम सिपाही ने दाढ़ी रखने पर रोक के खिलाफ डाली थी अर्जी, कोर्ट ने की खारिज, कहा – सेक्युलर होनी चाहिए पुलिस की छवि

कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में एक मुस्लिम पुलिसकर्मी के दाढ़ी रखने पर जमकर बवाल हुआ था। जिसके बाद उसको दाढ़ी काटनी पड़ी थी। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि बाद में एक सिपाही ने हाई कोर्ट में दाढ़ी रखने पर लगी कोर्ट के खिलाफ अर्जी तक डाल दी। अब इस याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने ये साफ कर दिया है कि पुलिस फोर्स में दाढ़ी रखना संवैधानिक अधिकार नहीं है। याचिका दाखिल करने वाले सिपाही के खिलाफ जारी निलम्बन आदेश व आरोप पत्र में भी दखल से इंकार कर दिया है।

याचिका में कहा गया ये

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या जनपद के खंडासा थाने में तैनात रहे सिपाही मोहम्मद फरमान ने दाढ़ी रखने पर लगी रोक के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। खबरों की मानें तो पहली याचिका में डीजीपी द्वारा 26 अक्टूबर 2020 को जारी सर्कुलर के साथ-साथ याची ने अपने खिलाफ डीआईजी/एसएसपी अयोध्या द्वारा पारित निलम्बन आदेश को चुनौती दी थी। जबकि दूसरी याचिका में विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही में याची के खिलाफ जारी आरोप पत्र को चुनौती दी गई थी। सिपाही का कहना था कि संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के तहत उसने मुस्लिम सिद्धांतों के आधार पर दाढी रखी हुई है।

कोर्ट ने कहा ये

इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात पारित अपने निर्णय में कहा कि 26 अक्टूबर 2020 का सर्कुलर एक कार्यकारी आदेश है जो पुलिस फोर्स में अनुशासन को बनाए रखने के लिए जारी किया गया है। पुलिस फोर्स को एक अनुशासित फोर्स होना चाहिए और एक लॉ इंफोर्समेंट एजेंसी होने के कारण इसकी छवि भी सेक्युलर होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अपने एसएचओ की चेतावनी के बावजूद दाढी न कटवा कर याची ने कदाचरण किया है। इसी के चलते कोर्ट ने निलंबन के आदेश में भी दखल देने से साफ इंकार कर दिया है।

UP 18 NEWS से आशीष मोदनवाल की रिपोर्ट

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