
वाराणसी: रायपुर के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को ‘अमानवीय अत्याचार’ बताते हुए, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा ने बड़े विरोध का ऐलान किया है। संगठन ने 7 दिसंबर 2025 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में ‘क्षत्रिय स्वाभिमान न्याय महापंचायत’ आयोजित करने की घोषणा की है।
🚨 गिरफ्तारी और ‘अमानवीय’ पुलिस कार्रवाई
महापंचायत के केंद्र में हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर (रूबी तोमर) का मामला है, जिसे हाल ही में रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तोमर पर सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने समेत 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
संगठनों का मुख्य विरोध गिरफ्तारी के तरीके को लेकर है। आरोप है कि पुलिस ने आदतन अपराधी बताए गए तोमर का फटी बनियान और नंगे पैर जुलूस निकाला और जबरन नारे लगवाए। क्षत्रिय महासभा ने इस कार्रवाई को मानव अधिकारों का हनन और ‘अत्याचार’ बताया है।
🗣️ वाराणसी से आह्वान, ‘क्षत्राणी की अस्मिता’ पर जोर
इस महापंचायत का आह्वान अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के भूपेन्द्र सिंह ने वाराणसी से किया है। जारी किए गए आमंत्रण में पुलिस पर केवल वीरेंद्र सिंह के साथ दुर्व्यवहार का ही नहीं, बल्कि तोमर परिवार की ‘क्षत्राणी छोटी बहू की अस्मिता पर हुए अश्लीलता’ का भी आरोप लगाया गया है।
भूपेन्द्र सिंह ने देशभर के क्षत्रिय सरदारों को इस महापंचायत में सपरिवार शामिल होने का न्योता देते हुए इसे ‘न्याय की निर्णायक लड़ाई’ बताया है।
”जब अन्याय अपनी सीमा लाँघ जाता है, जब सत्ता अहंकार में अंधी हो जाती है, तब क्षत्रिय रक्त में उबाल आता है और जंग का ऐलान खुद इतिहास करता है!” — आमंत्रण संदेश
📅 महापंचायत का विवरण
आयोजन: क्षत्रिय स्वाभिमान न्याय महापंचायत
तारीख: 7 दिसम्बर 2025
समय: दोपहर 1:00 बजे
उद्देश्य: पीड़ित वीरेंद्र सिंह तोमर के परिवार को न्याय दिलाना और क्षत्रिय अस्मिता पर हुए कथित हमले का विरोध करना।
संगठन का कहना है कि यह केवल एक पंचायत नहीं, बल्कि ‘क्षत्रिय अस्मिता की हुंकार’ और ‘स्वाभिमान का संकल्प’ है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जैसी प्रमुख संस्थाओं से जुड़े संगठन अब इस मामले को राष्ट्रीय पटल पर ले जाने की तैयारी में हैं।




