अटल स्मृति सम्मेलन: “सुशासन और राष्ट्रवाद के जीवंत प्रतीक थे अटल जी” – राज्य मंत्री संजीव गोड
अटल स्मृति सम्मेलन: “सुशासन और राष्ट्रवाद के जीवंत प्रतीक थे अटल जी” – राज्य मंत्री संजीव गोड

चकिया (चंदौली)। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर रविवार को चकिया स्थित लक्ष्मी पैलेस (निर्भयदास, अहरौरा रोड) में ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और वक्ताओं ने श्रद्धेय अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अटल जी के विचार आज भी पथ प्रदर्शक: संजीव गोड
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी श्री संजीव गोड ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे भारतीय राजनीति में सुशासन, संवेदनशीलता और प्रखर राष्ट्रवाद के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि उनके विचार और आदर्श आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।

मर्यादा और विकास की राजनीति के पुरोधा
विशिष्ट अतिथि और चकिया विधायक श्री कैलाश आचार्य ने अटल जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति को मर्यादा, संवाद और विकास के साथ जोड़ने का काम किया। देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा पुंज
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष श्री काशीनाथ सिंह ने कहा कि अटल जी का जीवन प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम ‘अंत्योदय’ और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति:
कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला महामंत्री श्री उमाशंकर सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से:
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गौरव श्रीवास्तव (चेयरमैन, चकिया)
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प्रदीप मौर्या (जिला उपाध्यक्ष)
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अनिल तिवारी (पूर्व जिला महामंत्री)
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मंडल अध्यक्ष आशु गुप्ता, शुभम मोदनवाल, प्यारेलाल सोनकर, दीपक चौहान, सारांश केसरी, दिव्या जायसवाल, रिंकू विश्वकर्मा, विपिन सिंह लल्ला सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
चंदौली से ~ परीक्षित उपाध्याय की एक रिपोर्ट