मानस कालिका महायज्ञ: 17 वर्षों से प्रज्वलित है आस्था की ज्योत, ध्वजारोहण के साथ शुभारंभ

चंदौली। जनपद के लेहरा खास स्थित सुप्रसिद्ध काली माता मंदिर प्रांगण में एक बार फिर भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। जगदम्बा परिवार के तत्वाधान में आयोजित होने वाले ‘मानस कालिका महायज्ञ’ का ध्वजारोहण कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब ने क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।
लोक कल्याण के लिए 17वां महायज्ञ
ध्वजारोहण पूजन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री नन्द बाबा दर्शनिया जी ने यज्ञ की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
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यह महायज्ञ अपने 17वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
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आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोक कल्याण और विश्व शांति है।
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लगातार सत्रह वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन आयोजकों के समर्पण और स्थानीय जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत

भारतीय संस्कृति में यज्ञों का स्थान सर्वोपरि रहा है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर दिया कि ऐसे अनुष्ठान केवल धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं हैं, बल्कि ये समाज में:
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सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
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आपसी भाईचारा और सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
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नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं।
आस्था का जनसैलाब
आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे युग में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह सिद्ध करती है कि आध्यात्मिक जागरण के प्रति समाज की आस्था आज भी अडिग है। इस आयोजन ने न केवल लेहरा खास बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी एक नई ऊर्जा का संचार किया है।
रिपोर्टर की कलम से: “आज की चुनौतियों से जूझते समाज के लिए ऐसे कार्यक्रम आध्यात्मिक शक्ति और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश देते हैं। आवश्यकता है कि हम सब मिलकर लोक कल्याण की इस भावना को आगे बढ़ाएं।”




