युवाओं के बीच स्वाधीनता सेनानियों के त्याग की चर्चा होनी चाहिए: हरिशंकर
सोनभद्र। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत सलखन के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिवनाथ प्रसाद गोंड़, शंकर प्रसाद गोंड़ और भागवत प्रसाद दुबे की स्मृति में रविवार को आयोजित समारोह में सेनानी परिजनों को सम्मानित किया गया। सर्वप्रथम समारोह के मुख्य अतिथि हरिशंकर शुक्ल, अध्यक्षता कर रहे रमेश सिंह गोंड़ व विशिष्ट अतिथि विजय शंकर चतुर्वेदी व सनोज तिवारी सहित गणमान्य नागरिकों ने सेनानियों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की ।
मुख्य अतिथि हरिशंकर शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि उनके पैंतालीस वर्षों के कार्यकाल की यह सबसे सफल गोष्ठी है क्योंकि इस गोष्ठी में सेनानियों के स्मरण के साथ साथ सलखन क्षेत्र की खूबियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरों के बीच इन सेनानियों के त्याग की चर्चा होनी चाहिए ताकि वे इससे प्रेरणा ले सकें।
वही विशिष्ट अतिथि विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि लखन के तीन सेनानियों का बलिदान स्तुत्य है, जिन्होंने नर सिर्फ देश को स्वतंत्र कराने में अपनी भूमिका निभाई बल्कि विद्यालय और अस्पताल के लिए निशुल्क भूमि दान कर सामाजिक विकास की बुनियाद रखी। उन्होंने आगे कहा कि यहां के स्वाधीनता सेनानियों का त्याग स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। सनोज तिवारी ने सेनानियों के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शंकर प्रसाद गोंड़, शिवनाथ प्रसाद और भागवत प्रसाद दुबे के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इन्होंने देश को आजाद कराने में काफी यात्राएं सही जिसे देश का हर एक नौजवान सदैव याद करेगा। संगोष्ठी में गुलाब प्रसाद चन्द्रा और आरडी सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये। ओम प्रकाश गोंड़ व प्रधानपति अरविंद सिंह गोंड़ तथा सेनानी परिजन अमरेश चन्द्र दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया । कार्यक्रम का संचालन उदयधर दुबे ने किया। इस अवसर पर सेनानी परिजन अजीत शुक्ला व दीवा के अमरेश प्रसाद , कोमल प्रसाद गोंड़ , राकेश गोंड़ सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।अरविंद सिंह गोंड़ ने सभी अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
Up18news se chandramohan Shukla ki report