Sunday, April 19, 2026
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नंदगोपाल पशु आहार खाने के बाद ही दर्जन भर से अधिक दुधारू पशुओं की हालत गंभीर,आधा दर्जन से अधिक पशुओं की मौत

नंदगोपाल पशु आहार खाने के बाद ही दर्जन भर से अधिक दुधारू पशुओं की हालत गंभीर,आधा दर्जन से अधिक पशुओं की मौत

रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)

सरहदी जनपद चंदौली नौगढ़ थाना क्षेत्र के निवासी सुभाष यादव पुत्र शुकुल यादव निवासी ग्राम उदितपुर सुर्रा थाना व तहसील नौगढ़ द्वारा दिनांक 10 अक्टूबर 2022 को राहुल पशु आहार केंद्र मधुपुर,जनपद- सोनभद्र से पशु पालक द्वारा नंदगोपाल पशु आहार खरीद कर दर्जन भर से अधिक दुधारू पशुओं को एक साथ खिलाया गया था।

पशु पालक का आरोप है कि नंदगोपाल पशु आहार खाने के साथ ही सभी पशुओं के मुंह से झाग आने लगा था। जिससे पशुपालक घबराकर डॉ. राजेश कुमार सिंह पशु चिकित्साधिकारी चकर घट्टा थाना नौगढ़, जिला- चंदौली के पास जाकर बुधवार से ही इलाज करवा रहे थे। परंतु कोई सफलता नहीं मिल पाया। भैंसों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया। जिससे घबराकर पशुपालक व पूर्व ग्राम प्रधान राम अचल यादव द्वारा संपूर्ण समाधान दिवस तहसील नौगढ़ पहुंच कर अधिकारियों को घटना की जानकारी दिया गया। समाधान दिवस में घटना की जानकारी होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारियों के आदेश पर डॉ.राजेश कुमार सिंह पशु चिकित्साधिकारी तुरंत पशुपालक के घर पहुंचकर भैंसों का गंभीरता से इलाज शुरू कर दिया था। इलाज के बाद भी आधा दर्जन से अधिक भैंसों की मृत्यु हो गई। तथा 5 भैंस और एक गाय की स्थिति अभी भी अत्यंत दयनीय बनी हुई है।

मौके पर पहुंचे पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि बुधवार को मैं जब इलाज करने मौके पर आया तो देखा कि सभी पशुओं के मुंह से झाग निकल रहा था। लक्षण के आधार पर स्पष्ट हो गया कि सभी पशु विषाक्त पदार्थ खा चुके हैं। उसी आधार पर सभी पशुओं का गंभीरता पूर्वक इलाज किया गया। फिर भी अब तक नौ दुधारू भैंसें मर चुकी हैं। जिनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। शेष पांच पशुओं में 5 भैंस और एक गाय भी जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं।

 

भैंसों के मौत का कारण पूछने पर पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही सही कारणों का पता लग पाएगा। इसके बाद पूर्व ग्राम प्रधान राम अचल यादव ने बताया कि दर्जनभर से अधिक पशुओं में नौ भैंसें मर चुकी हैं। शेष आधा दर्जन पशुओं का मरना भी लगभग तय है। इस लिए जिला प्रशासन चंदौली से मांग करता हूं कि अविलंब पशुपालक को आर्थिक सहायता मुहैया कराया जाए जिससे पशुपालक पुनः अपना जीवन जीविका का चला सके।

Up18news news report by Anand Prakash Tiwari✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️

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