कलयुगी भाई ने ही सगी बहन का सिंदूर उजाड़ने में हुआ सफल
रावर्ट्सगंज (सोनभद्र)
कोतवाली क्षेत्रांतर्गत मधुपुर बट में ओवर ब्रिज के पास कमरे में सो रहे बहनोई सीताराम मौर्य पर सगे साले ने दारु के नशे में धुत होकर पेट्रोल लेकर कमरे में पहुंचकर सगे बहनोई के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा कर स्वयं गंजी चड्डी पर ही मोटरसाइकिल से अहरौरा की तरफ भाग निकला था। परंतु पापी कितना भी सफाई से पाप करें वह कानून की नजर से बहुत दूर तक भाग नहीं सकता।
परिणाम स्वरूप सीताराम मौर्य का सगा साला बद्री प्रसाद मोर्य निवासी अहरौरा, थाना अहरौरा, जनपद- मिर्जापुर, पुलिस चौकी सुकृत से आगे बढ़ते ही स्वयं घबराकर अनियंत्रित होकर बाइक से गिरकर घायल हो गया था। घायल होने की सूचना रात्रि में ही सुकृत पुलिस को लगते ही पुलिस ने इमानदारी पूर्वक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए बद्री विशाल को शराब के नशे में गिरकर घायल होने की जानकारी पर एंबुलेंस बुलाकर सीएससी मधुपुर पहुंचाया ही था। तब तक बद्री विशाल के काली करतूतों की जानकारी ग्रामीणों द्वारा पुलिस को होते ही पुलिस के कान खड़े कर दिए।
घटना की सूचना पाते ही रात्रि में चौकी प्रभारी राजेश कुमार सिंह अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर जा पहुंचे। घटनास्थल का नजारा देखने के बाद पुलिस व आसपास के उपस्थित पड़ोसियों की आंखें फटी की फटी रह गई थी।
चौकी प्रभारी सुकृत तत्परता दिखाते हुए घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देते हुए वाराणसी के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती सीताराम मौर्य का बयान दर्ज कराने हेतु वाराणसी रवाना हो गए थे। वाराणसी पहुंचकर चौकी प्रभारी ने अपने विवेक का परिचय देते हुए वाराणसी के मजिस्ट्रेट एसीएम चतुर्थ श्री पुष्पेंद्र पटेल वाराणसी को अस्पताल बुलाकर मजिस्ट्रेट व चौकी प्रभारी सुकृत ने स्वयं बयान दर्ज किया था। अस्पताल में भर्ती जिंदगी और मौत से जूझ रहे सीताराम मौर्य के बयान के बाद बद्री विशाल मौर्य इस घटना का मुख्य आरोपी सिद्ध हो गया था। इसके बाद बद्री विशाल भागने की कोशिश कर ही रहा था, तभी कोतवाली पुलिस द्वारा चुर्क तिराहे पहुंच कर बद्री विशाल को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था।
उधर वाराणसी के एक प्राइवेट अस्पताल में सीताराम मौर्य का इलाज चल रहा था। जहां जिंदगी और मौत से जूझ रहे सीताराम मौर्य जिंदगी की जंग आज हार गए। सीताराम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वाराणसी में चल रहे इलाज के दौरान सीताराम के मौत की सूचना पाते ही पुलिस पोस्टमार्टम जैसी कार्यवाही कराने के बाद अग्रिम कार्यवाही में जुट गई है। यहां बताना आवश्यक है कि पुलिस के अनुसार बद्री विशाल के ऊपर मड़िहान थाने में धारा 307 से जैसी संगीन अपराधों का वर्ष 2011 में मुकदमा दर्ज था। जिसकी कार्यवाही मिर्जापुर के अदालत में विचाराधीन है।
TTM news se Anand Prakash Tiwari ki report




