वाराणसी। जनपद के विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया।किसान दिवस में जनपद के खराब नलकूपों का मुद्दा छाया रहा ।किसानों की ओर से खराब नलकूपों का मुद्दा उठाने पर सीडीओ ने उक्त समस्या का गंभीरता से लिया और नलकूप विभाग के अधिकारी से वर्तमान समय में राजकीय नलकूपों की स्थिति के सम्बंध में जानकारी देने को कहा जिस पर सम्बंधित अधिकारी जबाब नहीं दे सके जिस पर सीडीओ ने नाराज़गी जताते हुए राजकीय नलकूपों की अद्यतन रिपोर्ट के साथ कैम्प कार्यालय में तलब किया।साथ ही नलकूप विभाग के अधिशाषी अभियंता के अनुपस्थित रहने पर कड़ा रोष व्यक्त किया और स्थिति में सुधार लाने को कहा। अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हेतु अधिक से अधिक कृषकों को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक श्री राहुल कुमार सिंह ने किसानों को कृषि की समसामयिक जानकारी दी।। जिला कृषि रक्षा अधिकारी बृजेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि सहभागी फसल निगरानी व निदान प्रणाली योजना के तहत उल्लिखित नम्बर पर 9452247111 व 9452257111 पर कृषकों द्वारा एसएमएस/व्हाट्सएप द्वारा कीटरोग से सम्बन्धित समस्याएं भेजकर फसलों में लगने वाले रोगों के नियंत्रण हेतु जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। *फसल बीमा के लाभ के लिए टोल फ्री नंबर पर करें फोन-* प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रतिनिधि पवन कुमार द्वारा बताया गया कि रबी में गेहूॅ, चना, आलू एवं मटर को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत आच्छादित कर दिया गया है, जो निर्धारित प्रीमियम पर क्षति की पूर्ति की जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी की फसलों का बीमा करा सकते हैं। क्षतिपूर्ति ओलावृष्टि, अतिवृष्टि इत्यादि से फसलों में हुई क्षति की पूर्ति हेतु 72 घण्टे के अन्दर कृषक द्वारा प्रस्तुत प्रत्यावेदन एवं टोल फ्री नम्बर 144447 पर शिकायत दर्ज कराए जाने के क्रम में सम्बन्धित द्वारा स्थलीय निरीक्षण/सत्यापन करने के उपरान्त फसल बीमा की धनराशि नियमानुसार भुगतान की कार्यवाही की जाती है। उपस्थित कृषकों द्वारा सरसों को फसल बीमा के अन्तर्गत आच्छादित कराए जाने हेतु अनुरोध किया गया। जिसके क्रम में जिला कृषि अधिकारी द्वारा कृषकों से प्रत्यावेदन दिए जाने हेतु अपेक्षा की गयी, ताकि उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा सके। – *उद्यान विभाग ने दी विभागीय जानकारी-*। उद्यान विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत टिसू कल्चर केला, नवीन पपीता, नवीन आम, ड्रैगन फूट, करौंदा, जामुन, बेल, कटहल, फालसा, संकर शाकभाजी, खरीफ एवं रबी में प्याज की खेती एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत ड्रिप सिंचाई, माइक्रो/मिनी स्प्रिंकलर सिंचाई, रेनगन पद्धति की स्थापना हेतु निर्धारित अनुदान की जानकारी दी। – – – *नैनों यूरिया का प्रयोग बढ़ाने की सलाह-* सहकारिता विभाग द्वारा बताया गया कि जनपद में 1250 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हो गयी है, जो समितियों पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।साथ ही नैनो यूरिया एवं डीएपी समितियों पर उपलब्ध है। किसान नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग करें।जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से नैनो यूरिया व नैनों डीएपी का फसलों में छिड़काव करने की सलाह दी। किसान दिवस में कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह,जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्या, सिंचाई, लघु सिंचाई, सहकारिता, मत्स्य, उद्यान, नलकूप, पशुपालन, विद्युत, कृषि विज्ञान केन्द्र,जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, गन्ना, रेशम एवं जनपद के किसानों ने प्रतिभाग किया