Saturday, April 18, 2026

वाराणसी के काल भैरव मंदिर का इतिहास और महत्व

मंदिर का इतिहास और महत्व
वाराणसी का काल भैरव मंदिर भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव को समर्पित है। यह मंदिर वाराणसी के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है और काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद यहां के दर्शन करना अनिवार्य माना जाता है।

मंदिर का इतिहास और महत्व

काल भैरव मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था, लेकिन इसकी पौराणिक कथा बहुत पुरानी है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने काल भैरव को काशी का क्षेत्रपाल नियुक्त किया था, जो यहां के निवासियों को दंड देने का अधिकार रखते हैं।

मंदिर की विशेषताएं

मंदिर में काल भैरव की चांदी की मूर्ति है, जो उनके वाहन कुत्ते पर विराजमान है।
यहां के भक्त भगवान को शराब का प्रसाद चढ़ाते हैं।
मंदिर में रविवार और मंगलवार को विशेष पूजा होती है।
-काल भैरव अष्टमी और महाशिवरात्रि यहां के प्रमुख त्योहार हैं

मंदिर कैसे पहुंचे

काल भैरव मंदिर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किमी दूर है। आप ऑटो या रिक्शा से यहां पहुंच सकते हैं,
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