सनबीम स्कूल मुगलसराय के शतरंज प्रतियोगिता में छात्र- छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
चन्दौली ब्यूरो/दुलहीपुर, सनबीम स्कूल मुगलसराय में एक दिवसीय शतरंज प्रतियोगिता ‘चतुरंग’ का आयोजन किया गया । जिसमें चंदौली और वाराणसी के 16 विद्यालयों से 228 विद्यार्थियों ने 11 , 14 और 17 वर्ष आयु वर्ग में अपने सर्वोत्कृष्ट बौद्धिक कौशल का प्रदर्शन किया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व संयोजक विजय कुमार, उत्तर प्रदेश चेस उप सचिव व वाराणसी चेस सचिव तथा विद्यालय के सेक्रेटरी श्री यदुराज कानूडिया एवं निदेशिका श्रीमती श्वेता कानूडिया व प्रधानाचार्य श्री सी.के.पालित जी संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्प समर्पित कर किया। विद्यालय के सेक्रेटरी व निदेशिका ने ‘पुष्प-गुच्छ’ और ‘अंगवस्त्र’ भेंट कर अतिथि का स्वागत एवं हार्दिक अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और संयोजक श्री विजय कुमार जी ने बताया कि शतरंज हमें धैर्य एवं दूरदृष्टि प्रदान करता है। हमें इस खेल को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगिता के नियमों से प्रतिभागियों को परिचित कराया तथा बताया कि यह प्रतियोगिता पूर्णतः स्विस नियमों के तहत खेली गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय की निदेशिका श्रीमती श्वेता कानूडिया ने कहा कि शतरंज ही एक मात्र ऐसा खेल है जिसमें हमारी तार्किक, बौद्धिक, वैचारिक शक्ति का विकास होता है। और इसके द्वारा खिलाडी शांतचित्त तथा धैर्यपूर्वक कार्य करना सीखता है जो कि उसके उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन करते हुए शतरंज को केवल खेल ही नहीं बल्कि जीवन का सर्वांगीण विकास करने वाला खेल बताया। उन्होंने कहा कि शतरंज का प्रारम्भ भारत में ही हुआ तथा अन्य स्थानों पर इस खेल को खेलने से इसके नाम में परिवर्तन आता रहा। भारत में इसको पहले चतुरंग कहते थे, अरब देश की तरफ ‘च’ का परिवर्तन होकर ‘श’ बन गया वहां से इसका नाम शतरंज बना, फिर पश्चिमी देशों से इसका नाम ‘‘चेस’’ हो गया। शतरंज खेलने से हमारे अन्दर धैर्य, अनुशासन तथा तार्किक दक्षता जैसे गुणों का विकास होता है।
‘चतुरंग’ कार्यक्रम के अतिथि श्री जथिन बी. राज (सीनियर डिवीजनल सेक्युरिटी कमिश्नर मुगलसराय डिवीजन) ने पुरस्कार वितरण करते हुए कहा कि शतरंज हमें जीवन में निरन्तर प्रयासरत रहने की सीख देता है। यह खेल हमें असफलता से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है । हम सभी को इस खेल को जीवन में अपनाना चाहिए। बालिकाओं की शतरंज प्रतियोगिता पांच चरणों में सम्पन्न हुई। जिसमें 11 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त की अदित्री वर्मा (सनबीम स्कूल वरुणा) , द्वितीय स्थान प्राप्त की अन्यन्या सिंह चौहान (सनबीम स्कूल लहरतारा ) , तृतीय स्थान प्राप्त की अन्वी श्रीवास्तव (सनबीम इंग्लिश स्कूल भगवानपुर) , चंदौली डिस्टिक में प्रथम स्थान पर रहीं काश्वी (सनबीम स्कूल मुगलसराय) । 14 वर्ष की आयुवर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त की समृद्धि तिवारी ( सनबीम स्कूल लहरतारा ) , द्वितीय स्थान प्राप्त की आशिता कुशवाहा (सनबीम स्कूल वरुणा ), तृतीय स्थान प्राप्त की सान्या वर्मा ( सनबीम स्कूल सनसिटी ), चंदौली डिस्टिक में प्रथम स्थान पर रहीं वंशिका सिंह (सनबीम स्कूल मुगलसराय) । 17 वर्ष की आयुवर्ग में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त की दीक्षा चौहान, नियति विक्रम सिंह ( सनबीम इंग्लिश स्कूल भगवानपुर) , तृतीय स्थान प्राप्त की ऊर्जा पाल सिंह ( सनबीम स्कूल वरुणा), चंदौली डिस्टिक में प्रथम स्थान पर रहीं मोक्षिता (सनबीम स्कूल मुगलसराय) । बालकों की शतरंज प्रतियोगिता छः चरणों में सम्पन्न हुई। जिसमें 11 वर्ष आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया प्रथमेश ठाकुर (सनबीम इंग्लिश स्कूल भगवानपुर) , द्वितीय स्थान प्राप्त किया रुद्र प्रताप श्रीवास्तव (सनबीम स्कूल अन्नपूर्णा ) , तृतीय स्थान प्राप्त किये स्वर श्रीवास्तव (सनबीम स्कूल वरुणा) , चंदौली डिस्टिक में प्रथम स्थान पर रहे विशाल पाल (सनबीम स्कूल मुगलसराय) । 14 वर्ष की आयुवर्ग में प्रथम स्थान व द्वितीय स्थान प्राप्त किया प्रखर त्रिपाठी व माज इकबाल ( सनबीम स्कूल लहरतारा ) , तृतीय स्थान प्राप्त किया मानस सिंह ( सनबीम स्कूल वरुणा ), चंदौली डिस्टिक में प्रथम स्थान पर रहे कृष्णा (सनबीम स्कूल मुगलसराय)। 17 वर्ष की आयुवर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया शिवेश प्रताप सिंह ( सनबीम स्कूल वरुणा ) , द्वितीय स्थान प्राप्त किया आर्यन (सनबीम इंग्लिश स्कूल भगवानपुर ), तृतीय स्थान प्राप्त किया अलौकिक जयसवाल ( सनबीम स्कूल वरुणा), चंदौली डिस्टिक में प्रथम स्थान पर रहे शनि देव पटेल (लक्ष्मी पब्लिक स्कूल) । सभी विजेताओं को सार्टिफिकेट व शील्ड प्रदान किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का तकनीकी विवरण इंटर नेशनल ऑर्बिटर श्रीमती कविता पटेल जी के मार्गदर्शन में पूर्ण किया गया। इस प्रतियोगिता का सम्पूर्ण विवरण ऑनलाइन ches result.com पर प्रत्येक चरणों का सजीव परिणाम प्रसारित हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय की डीन व उप-प्रधानाचार्या श्रीमती स्मृति खन्ना जी तथा प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) श्री राम प्रताप सिंह, एच आर डी हेड श्रीमती श्रुति अग्रवाल सहित सभी शिक्षक – शिक्षिकाएं उपस्थित थे।