प्रेस विज्ञप्ति
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
महिला नेतृत्व से समाज को मिलती हैं नई दिशा
विषय: महिला नेतृत्व और उसका सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
आज दिनांक 11 मार्च 2026 को किशोरी,महिला संगठन और सृजन सेवा ट्रस्ट लठियां बच्छाव वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में काशी विद्यापीठ ब्लॉक के टिकरी ग्राम पंचायत में अम्बेडकर मंदिर के पास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के परिचय और चेतना गीत से किया गया। कार्यक्रम का विषय प्रवेश करते हुए कहा गया कि आज हम सब यहाँ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हैं—महिला नेतृत्व और उसका सामाजिक-आर्थिक प्रभाव।
हम सभी जानते हैं कि एक महिला केवल घर की देखभाल करने वाली नहीं होती, बल्कि वह परिवार, समाज और देश की ताकत होती है। जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो उसके साथ पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है।
आज गाँवों में भी महिलाएँ अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं। कई महिलाएँ स्वयं सहायता समूह के माध्यम से छोटे-छोटे व्यवसाय कर रही हैं—जैसे सिलाई, बुनाई, डेयरी, खेती, और छोटे व्यापार। इससे उनके परिवार की आय बढ़ती है और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी बेहतर होती है।
महिला नेतृत्व का मतलब है कि महिलाएँ निर्णय लेने में भाग लें—चाहे वह घर का निर्णय हो, गाँव का विकास हो या पंचायत का काम। जब महिलाएँ नेतृत्व करती हैं, तो वे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बच्चों के भविष्य पर अधिक ध्यान देती हैं। इससे पूरे समाज का विकास होता है। वक्ताओं द्वारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि आज समय बदल रहा है। पहले महिलाओं को केवल घर तक सीमित माना जाता था, लेकिन आज महिलाएँ शिक्षक, डॉक्टर, अधिकारी, सरपंच और उद्यमी बनकर समाज को नई दिशा दे रही हैं।
हमें यह समझना होगा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और एकता महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी ताकत हैं। अगर महिलाएँ मिलकर काम करें, तो वे अपने अधिकारों को समझ सकती हैं और अपने जीवन को बेहतर बना सकती हैं।
महिला नेतृत्व केवल महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के विकास के लिए जरूरी है। जब महिलाएँ मजबूत होंगी, तभी हमारा समाज और देश भी मजबूत होगा।
आइए इस महिला दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के रास्ते पर आगे बढ़ेंगी और अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। कार्यक्रम में दर्जनों महिला किशोरी समेत सृजन सेवा ट्रस्ट से नेहा , बिंदु कुमारी और प्रियंका जी की भागीदारी रही





